थाइलैंड में वीर्य पीने के लिए नौसेना के अधिकारी ने किया मजबूर, वीडियो हुआ वायरल तो भेजा गया जेल


बैंकॉक: थाइलैंड में नौसेना के एक अधिकारी को प्रशिक्षु नौसैनिकों को इंसानी वीर्य पीने के लिए मजबूर करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी की पहचान ताकसिन नोगोकपिलाई के रूप में हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में कार्रवाई की गई है। पिछले साल अक्टूबर में चोन बुरी के सट्टाहिप जिले में एक प्रशिक्षण शिविर का यह वीडियो अब सामने आया है।

वीडियो में दिख रहा है कि अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण के लिए आए प्रशिक्षुओं को अधिकारी सजा देने नाम पर फिश सॉस के साथ वीर्य मिला कर उसे पीने के लिए जबरन मजबूर कर रहा है। प्रशिक्षुओं के साथ इस तरह का व्यवहार करने के मामले में अधिकारी को 30 दिनों के लिए जेल में भेज दिया गया है। रॉयल थाई मरीन कॉर्प्स के सुरक्षा विभाग की कमान और सर्विस कंपनी के प्रमुख को भी क्रमश: सात और 15 दिनों के लिए सस्पेंड किया जाएगा।
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वाइस एडमिरल ने मांगी माफी
रॉयल थाई नेवी के वाइस एडमिरल पोक्रोंग मोन्थफैलिन ने अधिकारी के व्यवहार पर पीड़ित सिपाहियों और उनके परिवारों से माफी मांगी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सैन्य सेवा में शामिल हुए प्रशिक्षुओं को सजा देने के लिए कभी भी हिंसा का इस्तेमाल नहीं किया गया है। द बैंकॉक पोस्ट में छपी खबर के मुताबिक वीडियो में दिखाए अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण में आए सिपाहियों ने छह महीने की ट्रेनिंग पूरी कर ली है, जिसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है। इससे पहले 2017 में एक मामला आया था, जिसमें 19 साल के एक प्रशिक्षु की मौत अचानक दिल का दौरा पड़ने से हो गई थी। परिवार ने आरोप लगाया था कि उसके शरीर पर चोट के निशान थे और उसके कई अंग गायब थे।

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थाइलैंड में छह महीने की होती है ट्रेनिंग
थाइलैंड में सैन्य भर्ती एक अनिवार्य प्रथा है। 21 साल और इससे अधिक आयु के पुरुषों को लॉटरी के जरिए कार्ड दिए जाते हैं। अगर लाल कार्ड है तो दो साल तक सेना में सेवा देनी ही होगी और अगर ब्लैक कार्ड है तो इससे छूट मिलेगी और छह महीने की ट्रेनिंग के बाद निकल सकते हैं। 1905 से थाइलैंड में यह प्रथा शुरू हुई थी, क्योंकि राज परिवार का संविधान कहता है कि थाइलैंड के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की रक्षा करे।



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